How does the fast break? व्रत कैसे टूट जाता है?


व्रत कैसे टूट जाता है?

How does the fast break?

पूजा पाठ या और किसी प्रकार के धार्मिक कर्मकांड के दौरान लोगों के मन में हमेशा यह भाव होता है कि हमसे कोई गलती ना हो जाए, उनका व्रत न टूट जाए  अगर आप व्रत करते हैं या पूजा पाठ करते हैं तो इस प्रकार के प्रश्न आपके मन में भी आया होगा।



        इतना चिंता तो स्वाभाविक है लेकिन, आपको यह जान लेना आवश्यक है कि क्या खाने पीने से व्रत नहीं टूटता है?  क्या खाने-पीने से व्रत टूट जाता है? अगर गलती से व्रत टूट जाए तो क्या करना चाहिए? पूजा के दौरान अगर कोई गलती हो जाए तो क्या करना चाहिए?

    तो आज आपको, अपने मन का दुविधा समाप्त कर लेना चाहिए और इस ब्लॉग को पूरा पढ़ना चाहिए 

 तो आइए आगे जानते हैं-

सपने में व्रत टूटते देखने का क्या मतलव है:-

what is the meaning of fasting break in the dream: -

अगर आप सपने में देखते हैं कि आपका व्रत  टूट गया है तो यह संकेत है कि कुछ ग़लत हो गया है। ऐसा होने पर आप जिन देवी देवताओं का आप व्रत रखते हैं उनसे हाथ जोड़ कर  क्षमा याचना करें। क्षमा याचना करने से सारे दोष नष्ट हो जाते हैं।

सपने में व्रत रखते देखना:-

To see doing fasting in the dreams: -

अगर आप सपने में देखते हैं कि आप कोई व्रत रखे हैं तो यह एक शुभ संकेत है। यह संकेत है कि आपके साथ कुछ अच्छा होने वाला है। आपकी कोई बड़ी मनोकामना पूरी होने वाली है


क्या खाने पीने से व्रत टूट जाता है?

1. पान-सुपारी खाने से व्रत टूट जाता है,

2. बार-बार पानी पीने से भी पूरा टूट जाता है,

3. दिन में सोने से भी व्रत टूट जाता है,

4. ब्रह्मचर्य का पालन नहीं करने से व्रत टूट जाता है।

5. व्रत करने वाले व्यक्ति को अशुद्ध स्तर का धारण नहीं करना चाहिए. अशुद्ध वस्त्र धारण     करने से व्रत टूट जाता है।

6. कांसे के बर्तन में पानी ग्रहण करने से व्रत टूट जाते हैं,

7.  चोरी करने से या असत्य बोलने से व्रत टूट जाता है।

8. सफेद नमक खाने से व्रत टूट जाता है।

9. लगातार तीन व्रत रखने से आपके तीनों व्रत खंडित हो जाते हैं और उसका आपको कोई लाभ नहीं होता है, उसे लग तीन व्रत करने से बचना चाहिए.

क्या क्या खाने से व्रत नहीं टूटता है?

1. ज़मीन के अन्दर फलने वाला मूल और कंद वाला कोई भी फल या सब्जी खाने से व्रत नहीं टूटता है।

2. किसी भी ऋतु में पाए जाने वाले किसी प्रकार के फल खाने से व्रत नहीं टूटता है।

3. व्रत के दौरान दूध या दूध से बनी हुई चीजें खाना चाहिए, इससे व्रत नहीं टूटता है।

     दूध के विषय में अनेक लोगों कि अनेक मान्यताएं हैं, लेकिन हमारे द्वारा दिया गया सूचना धार्मिक ग्रन्थ से लिए गया है.

4. हवन में प्रयोग किए जाने वाले जितने भी खाद्य पदार्थ है उसका प्रयोग व्रत के दौरान किया जा सकता है जैसे कि भी मखाना, मधु , मिश्री, तिल, जौ, अरवा चावल  इत्यादि।

5. किसी विद्वान या घर के किसी बुज़ुर्ग के आग्रह पर व्रत के दौरान अगर आप कुछ खा लेते हैं जो आपको व्रत के दौरान नहीं खाना चाहिए तो इससे भी व्रत नहीं टूटता है।

6. किसी प्रकार के औषधि का सेवन करने से व्रत नहीं टूटता है।

7. गुरु के आदेश पर अगर आप कुछ खा लेते हैं जो आपको व्रत के दौरान नहीं खाना चाहिए, तो भी आप का व्रत नहीं टूटता है।

अगर गलती से व्रत टूट जाए तो क्या करना चाहिए?

What to do if the fast is broken by mistake?

मनुष्य से गलती होना स्वभाविक है, अगर कोई मनुष्य गलती ना करें वह ईश्वर हो जाए  व्रत के दौरान अगर आप से भी गलती हो गई है तो उसके लिए पूरी एकाग्रता से पश्चाताप के भाव के साथ भगवान से क्षमा याचना बार-बार करना चाहिए. ऐसा करने से व्रत टूटने के कारण कोई अनिष्ट नहीं होता है।

आरती की थाली का दीपक बुझ तो क्या करना चाहिए?

अक्सर ऐसा होता है कि आरती करते वक़्त आरती की थाली में सजाए गए दीपक अगर बुझ  जाते हैं तो , यह एक अनिष्ट होने का संकेत होता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो जाए तो अपने इष्ट देव से क्षमा याचना करते हुए दीपक को फिर से जला देना चाहिए. क्षमा याचना करने से अनिष्ट नहीं होता है।

मंदिर या पूजा स्थल से मिले फूल या बेलपत्र को कब तक साथ रखना चाहिए?

अगर आप मंदिर जाते हैं , पूजा अर्चना करते हैं, और वहाँ से कुछ फूल और बेल-पत्र लेकर घर आ जाते हैं,  तो क्या आप जानतें हैं कि कब तक मंदिर से लाये गए फूल या बेल पत्र अपने घर में रख सकतें हैं

मंदिर से लाए गए फूल को केवल 12 घंटे तक है अपने पास रखना चाहिए. 12 घंटे तक यह फूल और बेलपत्र सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत होता है लेकिन 12 घंटे के उपरांत इससे नकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होने लगता है, इसके कारण लाभ होने के बजाय हानि हो जाती है.12 घंटे के बाद मंदिर से मिले फूल और बेलपत्र को बहते हुए पानी में प्रवाहित कर देना चाहिए

मौली धागा कब तक बाँध कर रखना चाहिए?

लोगों का ऐसा मानना है कि पूजा के उपरांत कलाई में बाँधा गया मौली धागा हमेशा एक समान सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। मौली धागा को सिर्फ़ 24 घंटे के लिए ही अपने कलाई में बाँध के रखे। उसके उपरांत खोलकर पीपल के वृक्ष के झरने बाँध दें या बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।

पूजा के दौरान अगर कोई गलती हो जाए तो क्या करें?

पूजा करने के दौरान अगर कोई गलती हो गई हो तो आपको हाथ में थोड़ा-सा गंगाजल लेकर भगवान से विनम्रता के साथ क्षमा याचना कर लेना चाहिए. लेकिन पूजा को बीच से ही नहीं छोड़ना चाहिए 

  

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