क्या नींद हमारे जीवन-प्रक्रिया का एक हिस्सा है। Is sleep a part of our life process?

 क्या नींद हमारे जीवन-प्रक्रिया का एक हिस्सा है ?

Is sleep a part of our life process?

कैसे बेहतर नींद लें? कुछ लोगों के लिए यह एक भारी समस्या है। वे यह नहीं जानतें हैं कि रात को नींद नहीं आये तो क्या करना चाहिए? किस बिटामिन की कमी से नींद नहीं आती है? 

         अनिद्रा रोग कैसे हो जाता है ? अनिद्रा रोग हो जाय तो क्या खाना चाहिए ? Insomnia क्यों हो जाता है और इससे कैसे बचें ?

           ऐसा सभी जानतें हैं नींद हमारे जीवन की एक ज़रूरी प्रकिया है। लेकिन ज़्यादा तर लोग इस बारे में ख़याल नहीं करते कि इस कार्य को सही तरीके से कैसे किया जाए ? कुछ लोगों को नींद नहीं आने की बिमारी होती है इसी अंग्रेज़ी में इन्सोम्नियाँ कहतें हैं।

           क्या आप रात्रि को चैन से सो पातें है या नींद की गोली लेतें हैं? आज कल लोगों का जीवन-शैली इतना तनाव भरा हो गया है कि लोग ठीक से सो भी नहीं पातें है।

             बुजुर्गों के अलावा किशोर तथा युवाओं में भी आजकल यह  समस्या आम है। ख़ास कर किशोरों के लिए 8 से 9 घंटों की नींद चाहिए होती है। लेकिन अनेक कारणों  से किशोर और युवा ज़रूरत के अनुसार नींद नहीं ले पातें हैं।

           नींद हमारे जीवन-प्रक्रिया का एक हिस्सा है जिसको आम-तौर पर लोग आज कल उचित स्थान नहीं दे पातें हैं। नींद की कमी से अनेके समस्याएँ उत्पन्न सो सकतीं हैं।


पर्याप्त नींद नहीं लेने से होती है अनगिनत समस्याएँ, जान ले ये बातें।

There may countless problems due to not getting enough sleep, know these things.


• आदमी उदास महसूर करने लगता है।

• कम नींद लेने वालों में प्रेरणा की कमी होने लगाती है।

• एकाग्रता में कमी आने लगाती है।

• स्वाभाव चिरचिरा होने लगता है।

• आदमी डाउन महसूर करता है।

• कम सोने वालों को हमेशा थकान महसूस होता है।

• कार्य शैली पर बुरा असर परता है।

• मोटापा बढ़ने लगता है।

• मधुमेह होने का ख़तरा रहता है।

• हृदय सम्बन्धी बीमारियाँ हो सकती है, यानी हार्ट अटैक तक हो सकता है।

• मानसिक स्थिति ख़राब हो सकती है।

• जोड़ो का दर्द भी हो सकता है।

• सेक्स सम्बन्धी समस्याएँ उत्पन्न होने लगतीं हैं।

• प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर  होने लगता है।

अच्छी नींद के लिए करना चाहिए ये काम:-

For good sleep, What should We do For good sleep,

• अपने दिनचर्या में करें सुधार-अपने दिनचर्या में आप के नींद नहीं आने की समस्या छुपी हो सकती है।

• नींद से जगने और सोने का चक्र को निर्धारित करें-हर रोज़ एक निश्चित समय पर सोने जाएँ और निश्चित समय पर जागें। आजकल लोग जब सोने जातें हैं तो घंटों तक मोबाइल फ़ोन में लगे रहतें हैं। अधिकांश लोगों का सोने और जगने का समय निशिचत नहीं होता। इसलिए सबसे पहले इसको ठीक करें।

• दिन में झपकी लेना–अगर आपको दिन में एक आध घंटे सोने का आदत है तो तुरंत इसका त्याग करें। अगर दोपहर के भोजन के बाद ज़्यादा नींद आये तो 15-20 मिनट तक का एक झपकी आपके लिए बेहतर रहेगा।

• रात्रि में निर्धारित समय पर ही रोयें-रात्रि भोजन के उपरांत अगर नींद आये तो भी निर्धारित समय पर ही सोने जाएँ। तब तक कुछ ऐसा करें जिसको करने से नींद न आयें-जैसे कि आप टहल सकतें हैं। बुक सेल्फ ठीक कर सकतें हैं, टहल सकतें हैं। बर्तन साफ़ कर सकतें हैं।

• सुबह के धूप का सेवन करें–सुबह में स्नान से पूर्व 5-10 मिनट के लिए जितना हो सके कपडे उतार कर धूप में रोज़ बैठें।

• दिन में धूप में थोडा समय व्यतीत करें–अपने दिनचर्या में कुछ ऐसा कार्य को जोड़ें जो बहार में करना हो। जैसे कि बागवानी, किचेन गार्डन जैसे कार्य को अपने दैनिक जीवन में जोड़ सकतें है जिसके कारण धूप में समय विताने का मौका मिले।

• दिन के समय कमरे का पर्दा उठा दें-दिन में घर या ऑफिस का पर्दा उठा दें ताकि अन्दर में ताज़ी हवा और धूप आ सके.

• विस्तर पर मोबाइल का प्रयोग न करें-आज कल लोग सोने से पूर्व 1-2 घंटे मोबाइल पर वितातें है, ऐसा करने से बचें। आप सुनिश्चित कर सकतें हैं कि विस्तर पर मोबाइल लेकर नहीं जायेंगे।

• रात्रि को टेलिविजन नहीं देखे–आपको तय कर लेना चाहिए कि सोने के निर्धारित समय से 2 घंटें पूर्व टेलिविजन देखना बंद कर देंगे चाहे कोई भी मनपसंद कार्यक्रम आ रहा हो। क्योकि आपके से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है।

• सोने के निर्धारित समय पर कमरे की बत्ती बंद करें-आपने जीवन में समय को महत्त्व दें। निर्धारित समय पर कमरे का लाइट बंद कर दें और सोने की तयारी शुरू कर दें।

• तनाव-मुक्त रहने का प्रयास करें-क्योकि दिन में जो तनाव आपने पैदा किया है वही रात में आपको सोने नहीं देता है। इस लिए ऐसा कोई भी कार्य न करें जो आपको तनाव देता हो।

• दिन में एक बार एक्सरसाइज ज़रूर करें।

• रात में जब बिस्तर पर जाएँ तो 5 मिनट Deep-Breathing Excercise करें।

• ज़्यादा चाय या काफ़ी नहीं पियें।

• रात्रि में ज़्यादा पानी नहीं पियें।

• किसी भी प्रकार के नाश का प्रयोग न करें।

• रात्रि में जितना हो सके कम खाने का प्रयास करें।

• अपने भोजन में चीनी को कम करने का प्रयास करें।

• रात्रि में गोल्डन मिल्क (Golden Milk) यानी हल्दी वाला दूध का सेवन करें।

• प्राकृतिक सुगंध वाले रूम-फ्रेशनर का प्रयोग भी लाभकारी कहेगा। सोने से पूर्व अपने बेड-रूम में स्प्रे करें।

जिन लोगों को नींद नहीं आने की बिमारी है उनको क्या-क्या खाना चाहिए?

प्राकृतिक भोजन जो आपको सोने में मदद करता है

Natural Food That Help you Sleep

 (1.) हर्बल मेलाटोनिन फ़ूड (Herbal Melatonin Supplement

मेलाटोनिन एक प्रकार का हार्मोन है जो हमारे शरीर के द्वारा पैदा किया जाता है और यह हमारे मस्तिस्क को शांत और आराम का संकेत देता है।

जब दिन के समय वैसा भोजन लिया जाता है जिसमे मेलाटोनिन हो तो शरीर इस हारमोंस को बनाने में लग जाता है और रात्रि तक यह कार्य करने लगता है।

किन-किन चीज़ों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है मेलाटोनिन

बादाम, काजू, अखरोट, पिसता बादाम, अखरोट, मछली और अंडा में मेलाटोनिन

प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।

पिछले कुछ दसकों से मेलाटोनिन फ़ूड का प्रचलन काफ़ी बढ़ गया है। लेकिन Herbal Melatonin Supplement का सेवन लम्बे समय तक लगातार नहीं करना चाहिए और एक समय में ज़्यादा मात्रा में भी नहीं लेना चाहिए।

 (2.) मैग्नीशियम पाए जाने वाले पदार्थों का सेवन करना चाहिए.

मैग्नीशियम एक प्रकार का मिनरल है जो शरीर में होने वाले सैकड़ों जैविक कार्यों के होने में सहयोग करता है। ख़ास तौर से मैग्नीशियम ह्रदय तथा मस्तिस्क के लिए बहुत ही ज़रूरी तत्व है। मस्तिस्क को स्वस्थ और शांत रखने में मैग्नीशियम महत्त्वपूर्ण होता है। नींद नहीं आने की बीमारी में भी मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ लेना लाभदायक होता है।

प्राकृतिक मैग्नीशियम के स्रोत: काजू, बादाम, पालक, केला, कद्दू या कदीमा के बीज, मछली और चिकेन में मग्निसियम पाया जाता है।

 (3.)  ग्लाइसिन Glycine

Glycine एक प्रकार का एमिनो-एसिड है जो हमारे नर्वस सिस्टम को तंदुरुस्त रखने में मदद करता है और एक प्रयोग में पाया गया की glycine भी हमें सोने में मदद करता है।

किन-किन खाद पदार्थों में Glycine पाया जाता है?

केला, कीवी, पत्ता-गोवी, पालक, बिन्स मांस, मछली, चिकन और अंडे में ग्लाइसिन पाया जाता है।


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